हरियाणा और राजस्थान के लोग आमने-सामने, खोद डाला नेशनल हाईवे..

दोनों राज्य के लोगों ने हाईवे को जेसीबी से खोदकर पानी को रोक दिया गया है
दोनों राज्य के लोगों ने हाईवे को जेसीबी से खोदकर पानी को रोक दिया गया है

चंडीगढ़ ।  राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी में लंबे समय से हरियाणा और राजस्थान के बीच पानी को लेकर के बड़ा विवाद बना हुआ है. दरअसल फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा पानी या काला पानी सीमा पार चले जाता है.  बारिश का मौसम शुरू होते ही एक बार फिर से सिरदर्दी बढ़ गई है. इस बार मंगलवार को हरियाणा और राजस्थान की सीमा पर गंदे पानी के चलते लोगों ने जाम लगा दिया और पानी विवाद को लेकर दोनों राज्यों के लोग आमने सामने हो गए. दोनों राज्य के लोगों ने हाईवे को जेसीबी से खोदकर पानी को रोक दिया गया है. इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं.

स्थानीय लोगों में आक्रोश 

बारिश होने के बाद मंगलवार रात को फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा और काला पानी सहित बरसात का पानी हरियाणा की ओर बह गया तथा प्राकृतिक बहाव राजस्थान से हरियाणा की तरफ होने की वज़ह से यह पानी बहा. तेज बरसात के कारण यह पानी हरियाणा के धारूहेड़ा कस्बे की तरफ बढ़ गया और घरों में घुस गया इस वजह से स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 900 को जेसीबी की सहायता से खोद दिया व बंद कर दिया गया है.

मचा हड़कंप

हरियाणा की तरफ से पहुंची सैकड़ों महिलाएं और पुरुष तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विरोध किया. फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी का पूरजोर तरीके से विरोध किया जा रहा है. साथ ही पूरी तरह से पानी को बंद किए जाने की मांग हरियाणा के लोग कर रहे हैं. ऐसे मेँ दोनों तरफ से बाधित हुए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 919 पर हरियाणा की तरफ से पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारी तथा भिवाड़ी की तरफ से एहतियात के तौर पर भिवाड़ी पुलिस तैनात है.

पुलिस लगातार स्थानीय लोगों को समझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वो नहीं मान रहे हैं. उनकी मांग है कि राजस्थान से हरयाणा की तरफ से आने वाले पानी को बंद किया जाए. ये फैक्ट्रियों का गंदा पानी हरियाणा में आता है और इस वजह से यहाँ पर बीमारियां फैलती हैं. इस पानी से हरियाणा के लोगों का स्वास्थ्य में भी प्रभाव पड़ रहा है.

क्या कहना है ग्रमीणों का  

ग्रामीणों का कहना है कि राजस्थान से हरियाणा की तरफ आने वाले फैक्ट्रियों के गंदे पानी को पीने से मवेशियों की मौत हो जाती है और बीमारियां फैलती हैं. यह जानवरों के ऊपर ही नहीं, बल्कि खेती को भी बहुत तरीके से प्रभावित करता है. यह उपजाऊ जमीन की शक्ति को ख़त्म करता है. इस पानी से जमीन का पानी भी दूषित  होता है.

क्या पहले भी विवाद हो चुका?

यह विवाद कोई पहली बार नहीं हो रहा है, इससे पहले भी अक्सर बरसात के सीज़न में हरियाणा और राजस्थान के लोग आमने सामने हो चूके हैं. काले पानी के विवाद को लेकर अपना आक्रोश जाता चूके हैं. बहरहाल इस समस्या को लेकर के अनेकों बार रेवाड़ी और अलवर प्रशासन के बीच बैठक भी हो चुकी है.

लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है. इस समय बीमारी की सीमा पर हरियाणा की तरफ से खुदाई कर पानी को बंद किए जाने के बाद बाईपास क्षेत्र पूरी तरह से समुद्र में तब्दील हो गया है. ये प्रदर्शनकारी अधिकारियों को मौके पर बुलवाने की जिद पर अड़े हैं और पानी को पूरी तरह से बंद करने की मांग कर रहे हैं.  बहरहाल प्रदर्शन अभी जारी है स्थिती तनावपूर्ण बनी हुई है.

गौरतलब है भिवाड़ी में लंबे समय से हरियाणा और राजस्थान के बीच बड़ा विवाद बना हुआ है. इसकी मुख्य वजह है फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला पानी. पानी विवाद को लेकर दोनों राज्यों के लोग आमने सामने हो गए हैं. हाईवे को जेसीबी से खोदकर पानी को रोक दिया गया है.

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